-->

Translate

"श्री राम के रामत्व से आयेगा रामराज्य" सदानन्द कुमार आनन्द।

"श्री राम के रामत्व से आयेगा रामराज्य" सदानन्द कुमार आनन्द।

जोश भारत न्यूज|बिहार


बांका। भारतवर्ष के इस पवित्र भूमि पर जब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का नाम लिया जाता है। तो मनुष्य के संकट कट जाते हैं । श्री राम को पुरुषों में उत्तम और श्रेष्ठ बनाता है इन सभी गुणों को यदि एक शब्दों में कहें तो उसे हम "रामत्व"  कह सकते है वह रामत्व जो शबरी के जूठन में ममत्व देखता है । वह रामत्व जो केवट निषाद के प्रति प्रेम में दिखता है , वह रामत्व जो गिलहरी के प्रयास की प्रशंसा में दिखता है , वह रामत्व जो नदी, समुंद्र , अरण्य सभी को प्रणाम करते है, वह रामत्व जो श्री हनुमान के प्रति प्यार और स्नेह को प्रकट करता है। वह रामत्व जो जटायु के त्याग के प्रति नतमस्तक होने में दिखता है , वह रामत्व जो शोपित अहिल्या मुक्ति में करुणा के रूप में दिखता है। वह रामत्व जो इच्छा रहित है, वह रामत्व जो सत्य, प्रेम, करुणा दया एवम सद्भाव का समुच्चय है। इतना ही नहीं मानव कुटुंब में जितने भी प्रकार के रिश्ते दिखाई पड़ते हैं उन सभी रिश्तों में राम का चरित्र और व्यवहार त्रिकालिक रुप से आदर्श था, है और रहेगा। माता के वचनों के प्रति अगाध श्रद्धा, पिता के प्रति सम्पूर्ण समर्पण, भाई के प्रति अद्वितीय प्रेम, पत्नी के प्रति शुचिता का चरम आदर्श, प्रजा के प्रति वात्सल्य मित्र के प्रति दृढ़ता और तो और शत्रु के प्रति भी सम्मान और समुचित व्यवहार ही रामत्व है। माता-पुत्र संबंध, भाई-भाई सम्बंध, गुरु-शिष्य संबंध, पति-पत्नी सम्बन्ध, पिता-पुत्र संबंध, राजा-प्रजा संबंध, मानव-मानवेत्तर प्राणियों के संबंध, मानव और प्रकृति के सम्बन्ध आदि सभी संबंधों में पुरुषोत्तम व्यवहार ही रामत्व है। जहां कहीं भी त्याग है वहां रामत्व है, जहां कहीं भी करुणा है वहां रामत्व है, जहां कहीं भी सत्य के लिए संघर्ष है वहां रामत्व है, जहां कहीं भी सर्व के कल्याण की भावना और स्वार्थ के स्थान पर परार्थ है वहां रामत्व है और इसी रामत्व से ही रामराज्य की स्थापना संभव है। रामत्व एक मूल्य सम्मुच्चय है क्योंकि श्रीराम सिर्फ एक मानव मात्र नहीं है, बल्कि श्रीराम संपूर्ण भारतीय सनातन संस्कृति के प्रतीक है, श्रीराम भारत के भाव- राग और ताल में विद्यमान हैं, श्रीराम हर सदाचारी के रोम रोम में विद्यमान हैं, श्रीराम भारत के इतिहास हैं, श्रीराम भारत के वर्तमान हैं और श्रीराम सम्पूर्ण मानवता के भविष्य हैं।

0 Response to ""श्री राम के रामत्व से आयेगा रामराज्य" सदानन्द कुमार आनन्द।"

advertising articles 2

Advertise under the article