डॉ. इकबाल दुर्रानी साहब ने सामवेद का हिंदी और उर्दू में किया अनुवाद, भारतीय ज्ञान परंपरा को दिया नया आयाम।
जोश भारत न्यूज|बिहार
पटना। बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘फूल और कांटे’ सहित लगभग 55 फिल्मों के लेखक एवं निर्देशक और बिहार के बांका जिले के निवासी डॉ. इकबाल दुर्रानी ने प्राचीन वैदिक ग्रंथ सामवेद का संस्कृत से हिंदी और उर्दू में अनुवाद कर एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। उनका यह प्रयास भारतीय संस्कृति, ज्ञान, साहित्य और भाषाई समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।मंगलवार को डॉ. इकबाल दुर्रानी साहब से मुलाकात करने मुंबई पहुंचीं मिसेज ग्लोबल इंटरनेशनल 2023 की क्राउन विनर सुचिता सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि सामवेद का यह सचित्र ग्रंथ लगभग साढ़े तीन किलोग्राम वजन का है। इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का विमोचन बिहार के महामहिम राज्यपाल द्वारा राजभवन में किया जाना प्रस्तावित है।सुचिता सिंह ने डॉ. इकबाल दुर्रानी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल एक प्रतिभाशाली लेखक और निर्देशक ही नहीं, बल्कि बेहद सरल, सहज और अच्छे व्यक्तित्व के धनी इंसान भी हैं। उनकी साहित्यिक प्रतिभा, विचारों की गहराई और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।इस अवसर पर सुचिता सिंह ने डॉ. इकबाल दुर्रानी को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा, सामवेद जैसे प्राचीन वैदिक ग्रंथ का हिंदी और उर्दू में अनुवाद भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और भाषाई समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रयास हमारी समृद्ध विरासत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय माध्यम बनेगा।
डॉ. इकबाल दुर्रानी का यह प्रयास साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक नई प्रेरणा है। निश्चित रूप से ऐसी पहलें भारत की विविधता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाती हैं।


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