श्री अरविन्द महिला कॉलेज, पटना में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर परिचर्चा आयोजित।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. साधना ठाकुर के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि अंबेडकर के विचार लोकतंत्र, समानता और संवैधानिक मूल्यों के मूल आधार हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए उनका प्रसिद्ध नारा “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष श्री राजीव शंकर सिंहा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अंबेडकर का राजनीतिक चिंतन आधुनिक भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों को आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक बताया।
परिचर्चा में लगभग 70 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए लोकतंत्र, अधिकारों की रक्षा, सामाजिक परिवर्तन एवं समरसता जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम संवादात्मक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री रुचिका सिंहा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
अंत में राजनीति विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. सपना बरुआ ने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में चिंतनशीलता एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण का विकास करती हैं। उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार उद्धृत करते हुए कहा कि “ज्ञान ही मनुष्य को स्वतंत्र बनाता है।” साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।


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