पटना जंक्शन पर रेल कर्मियों का हंगामा : तीन माह से वेतन बकाया, कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया है और न ही पीएफ की राशि जमा की जा रही है। लगातार बकाया भुगतान नहीं होने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति गंभीर संकट में है। स्टाफ ने प्रबंधक को लिखे आवेदन पत्र में साफ कहा है "हम लोग पटना-कोटा रूट पर नियमित रूप से O.B.H.S. व A.C.C.A. सेवा देते आ रहे हैं, लेकिन 3 माह से सैलरी और P.F. का भुगतान नहीं हुआ है।
रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो गया है। यदि जल्द से जल्द वेतन जारी नहीं किया गया, तो आगे हम ड्यूटी नहीं करेंगे।" प्रबंधन से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने पर नाराज कर्मचारियों ने पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 10 पर हंगामा किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी सैलरी जारी नहीं की गई तो अगली यात्रा (ट्रिप) में कोई भी ड्यूटी पर नहीं जाएगा।
जीआरपी पटना पर कर्मचारियों द्वारा मुकदमा भी दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भी इसी कंपनी पर ऐसे ही आरोप लगे थे। उस समय भी लगभग दो महीने तक सैलरी रोकी गई थी। वेतन भुगतान न होने से कर्मचारियों ने आंदोलन किया और प्रबंधन को झुकना पड़ा था। लेकिन दो साल बाद 2025 में वही हालात दोबारा सामने आ गए हैं। चूंकि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक हैं, ऐसे में कर्मचारियों का आंदोलन राजनीतिक रंग भी ले सकता है।
विपक्ष इस मुद्दे को सरकार और रेलवे प्रशासन की मजदूर-हितैषी नीतियों पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। वहीं सत्ताधारी दल पर दबाव है कि वह जल्द समाधान निकाले, ताकि चुनावी वर्ष में यह मामला बड़ा मुद्दा न बन जाए। कर्मचारियों ने अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि तत्काल वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो वे अगली ट्रेन यात्राओं में अपनी सेवाएं नहीं देंगे।
इससे ट्रेन की OBHS और ACCA व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। मामला केवल वेतन बकाया का नहीं रह गया है बल्कि यह रेलवे कर्मचारियों के आक्रोश, प्रबंधन की कथित लापरवाही और आसन्न बिहार चुनाव 2025 से भी जोड़ा जाने लगा है।
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