राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, शेखपुरा के छात्रों ने 'कोटा गुरु' में बनाई अपनी पहचान।
यह संपूर्ण चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन कठिन चरणों में सम्पन्न हुई। प्रथम चरण में छात्रों की तार्किक और गणितीय क्षमता को परखने के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट (Aptitude Test) लिया गया। इसके पश्चात दूसरे चरण में छात्रों के व्यक्तित्व और संचार कौशल का मूल्यांकन करने के लिए HR इंटरव्यू आयोजित किया गया। अंतिम और निर्णायक चरण में, छात्रों को एक शैक्षणिक विषय पर अपना डेमो वीडियो प्रस्तुत करना था, जिसमें चयनित छात्रों ने अपनी विषय विशेषज्ञता और शिक्षण शैली से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।
प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, शेखपुरा के छात्रों का प्रतिक्षित संस्थानों में चयन होना हमारे निरंतर प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। सुनीता और सचिन की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि हमारे कॉलेज के शैक्षणिक स्तर की उत्कृष्टता को भी दर्शाती है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी अपनी तकनीकी दक्षता से उद्योग जगत में नए आयाम स्थापित करेंगे। मैं चयनित छात्र छात्राओं को उनके सफल और उज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं देता हूं।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर (TPO), प्रोफेसर सौरभ कुमार ने बधाई देते हुए कहा कि हमारा निरंतर लक्ष्य रहा है कि हम अपने विद्यार्थियों को न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि कॉर्पोरेट जगत की मांग के अनुसार कौशल भी प्रदान करें। कोटा गुरु के इस कठिन चयन प्रक्रिया को पार करना यह सिद्ध करता है कि हमारे छात्र किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। प्लेसमेंट सेल की ओर से मैं सुनीता (EE) और सचिन (ME) को बधाई देता हूं और उनके करियर की इस नई शुरुआत के लिए गौरव महसूस कर रहा है।
Associate TPO, डॉ. राहुल कुमार हिंदुस्तानी और प्रोफेसर पूजा ने संक्षेप में बताया कि सहयोगी टीपीओ के रूप में हमारा यह प्रयास है कि हर योग्य छात्र को अपनी प्रतिभा दिखाने का सही मंच मिले और आज का परिणाम उसी का सुखद हिस्सा है। हम सुनीता और सचिन की कड़ी मेहनत की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे भविष्य में भी इसी तरह कॉलेज का मान बढ़ाते रहेंगे।

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